मुक्केबाज़ी
पेपरवर्क में हारा मुक़ाबला: भारतीय मुक्केबाज़ी का IBA से World Boxing तक अधूरा सफ़रअगस्त 2026 की एक शाम, पेरिस का रिंग वन। निशांत देव का क्वार्टरफ़ाइनल ख़त्म हु...
तमगा शून्य, फाइल अधूरी: भारतीय मुक्केबाज़ी का वह कॉलम जो चार साल से खाली हैतीन अगस्त 2026। पेरिस ओलंपिक का 71 किलो क्वार्टरफाइनल। निशांत देव एक जीत दूर...
वेट-क्लास का पहिया और सर्विसेज़ की नौकरी: भारतीय मुक्केबाज़ी की असली रिंगवेट-क्लास का पहिया और सर्विसेज़ की नौकरी: भारतीय मुक्केबाज़ी की असली रिंग हुक...
खड़े-खड़े रोका गया मुकाबला: LA28 साइकिल में बॉक्सर के शरीर का हिसाब कौन रखता हैमार्च 2026 की एक रात, मियामी के एक छोटे कॉम्बैट-स्पोर्ट्स वायर पर मेरी नाइट...
मुक्केबाज़ी का छूटा हुआ स्कैन: चोट रिंग में नहीं, कैलेंडर में बनती हैफ़रवरी 2026 की एक रात भिवानी में सर्विसेज़ चैंपियनशिप की बाउट शीट मेरे हाथ मे...
भारतीय मुक्केबाज़ी का बंद गेट: क्वालिफिकेशन की मशीन बदल गई, घरेलू कैलेंडर नहींमैं एक ट्रांसफर विंडो ढूँढने निकला था और मुझे एक बंद गेट मिला। पटियाला के साई...
पेरिस का शून्य, पटियाला का कागज़: भारतीय मुक्केबाज़ी में सवाल मेडल का नहीं, एंट्री फॉर्म का हैनवंबर 2026 की शाम, दिल्ली का के.डी. जाधव इंडोर हॉल। पाँच हज़ार कुर्सियाँ,...
पटियाला का पे-रोल ऑफिस: भारतीय मुक्केबाज़ी का असली फेडरेशन वहाँ बैठता है, जहाँ कोई कैमरा नहीं जातापेरिस ओलंपिक में भारत के छह मुक्केबाज़ रिंग में उतरे — दो पुरुष, चार महिलाएँ।...
पेरिस 2026 में भारतीय मुक्केबाज़ी का शून्य: छह कोटा, दो पुरुष और एक काग़ज़ी चूकबैंकॉक के इंडोर स्टेडियम में दूसरे विश्व क्वालिफायर का आख़िरी दिन चल रहा था।...
शून्य पदक का लेज़र: पेरिस के बाद भारतीय मुक्केबाज़ी में तौल, काग़ज़ और काउंटबैक का हिसाबअगस्त 2026 की एक शाम, चेन्नई के एक छोटे स्टूडियो में मेरे सामने दो काग़ज़ थे ...
रिलीज़ लेटर का बाज़ार: भारतीय मुक्केबाज़ी की असली ट्रांसफर विंडो कहाँ खुलती हैपटियाला के राष्ट्रीय मुक्केबाज़ी शिविर के दफ़्तर में एक मोटी फ़ाइल रखी रहती ह...
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